पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना – की शुरुआत 29 मई 2021 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई थी। इस योजना का उद्देश्य उन बच्चों की सहायता करना है उन बच्चों को रखा गया है जिन्होंने 11 मार्च 2020 से 28 फरवरी 2022 के बीच कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता, कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिया है। और लाभान्वित बच्चों को किस तरह के फायदे मिलेंगे?

योजना के प्रमुख लाभ:
- आवास और भोजन: बच्चों के रहने और खाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।
- शिक्षा सहायता: बच्चों को निकटतम सरकारी या निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाता है, और उनकी ट्यूशन फीस, किताबें, यूनिफॉर्म आदि का खर्च पीएम केयर्स फंड से वहन किया जाता है।
- उच्च शिक्षा सहायता: उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक होने पर शिक्षा ऋण की सुविधा प्रदान की जाती है, जिसका ब्याज पीएम केयर्स फंड से चुकाया जाता है।
- स्वास्थ्य बीमा: आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है, जिसका प्रीमियम 18 वर्ष की आयु तक पीएम केयर्स फंड से भरा जाता है।
- वित्तीय सहायता: 23 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर बच्चों को 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है।
पात्रता मानदंड:
- बच्चा 11 मार्च 2020 से 28 फरवरी 2022 के बीच कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता, कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता दोनों को खो चुका हो।
- माता-पिता की मृत्यु के समय बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का उद्देश्य:
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को सहायता और सुरक्षा प्रदान करना है जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता, कानूनी अभिभावक, या दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिया है। इसके तहत:
- आर्थिक सहायता: बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- शिक्षा का प्रावधान: बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कर उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में सहायता।
- स्वास्थ्य और सुरक्षा:बच्चों को स्वास्थ्य बीमा और जीवनयापन की सुविधाएं प्रदान करना।
- सर्वांगीण विकास:बच्चों को आवश्यक संसाधन और अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर और एक जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करना।
- मानसिक और भावनात्मक देखभाल:बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उनके समग्र विकास में योगदान देना।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत आवश्यक दस्तावेज
- मृत्यु प्रमाण पत्र: माता-पिता, कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता की कोविड-19 के कारण मृत्यु का प्रमाण पत्र।
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र: जिससे बच्चे की आयु सत्यापित हो सके।
- पहचान प्रमाण पत्र: बच्चे का आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र।
- पता प्रमाण पत्र: बच्चे का निवास प्रमाण पत्र, जैसे राशन कार्ड, बिजली बिल आदि।
- बच्चे की तस्वीर: हाल ही में खींची गई पासपोर्ट आकार की फोटो।
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र: यदि बच्चा स्कूल में है, तो वर्तमान स्कूल का प्रमाण पत्र या रिपोर्ट कार्ड।
- बैंक खाता विवरण: बच्चे या उसके अभिभावक के नाम से बैंक खाता विवरण।
- अभिभावक का घोषणा पत्र: यदि बच्चा किसी रिश्तेदार या अभिभावक के साथ रह रहा है, तो उनके द्वारा हस्ताक्षरित घोषणा पत्र।
आवेदन प्रक्रिया:
- पंजीकरण पोर्टल: pmcaresforchildren.in
- कोई भी नागरिक इस पोर्टल पर पात्र बच्चों की जानकारी दे सकता है।
- पंजीकरण के बाद, संबंधित जिला प्रशासन और राज्य विभाग बच्चों की पुष्टि और सहायता करेंगे।

प्रमुख कार्यान्वयन एजेंसियां:
- राष्ट्रीय स्तर: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय।
- राज्य स्तर: संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों के बाल न्याय विभाग।
- जिला स्तर: जिला मजिस्ट्रेट।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न निम्नलिखित हैं:
1. कौन से बच्चे इस योजना के पात्र हैं?
वह बच्चे जिन्होंने उपरोक्त अवधि में कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता, कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिया है, और माता-पिता की मृत्यु के समय उनकी आयु 18 वर्ष से कम थी, वे इस योजना के पात्र हैं।
2.योजना के तहत कितने बच्चों को लाभ मिला है?
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4,543 बच्चों को इस योजना के तहत लाभान्वित किया जा चुका है।
3.योजना के बारे में अधिक जानकारी कहाँ से प्राप्त कर सकते हैं?
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए pmcaresforchildren.in पोर्टल पर जाएँ या महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क करें।
4. यदि आवेदन में सहायता चाहिए तो किससे संपर्क करें?
आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से संपर्क करें। इसके अलावा, pmcaresforchildren.in पोर्टल पर उपलब्ध हेल्पडेस्क से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
5. योजना का संचालन कौन करता है?
केंद्रीय स्तर: महिला एवं बाल विकास मंत्रालयराज्य स्तर: राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के बाल न्याय से संबंधित विभागजिला स्तर: जिला मजिस्ट्रेट



